राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) बिहार और दूसरे में 24 घंटे के बंद का माओवादी कॉल के मद्देनजर हाई अलर्ट पर सभी प्रमुख स्टेशनों डाल दिया है
शुक्रवार आधी रात से राज्यों.
सुरक्षा के सभी लंबी दूरी की मेल में किया गया है तगड़ा बनाया और गाड़ियों या तो व्यक्त या गुजर पटना जंक्शन से प्रारंभिक. खोजी कुत्ते भी पटना जंक्शन पर किया गया है सेवा में दबाया, (डीआईजी रेलवे कहा) अरविंद पाण्डेय.
पांडे के मुताबिक, सुरक्षा राज्य में सभी संवेदनशील स्थानों पर किया गया है तगड़ा बनाया. सुदृढीकरण सभी संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया जा रहा है साथ ही माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में. पटना जंक्शन पर यात्रियों की आवाजाही भी सीसीटीवी कैमरों के जरिए नजर रखी जाएगी, उन्होंने कहा.
डीआईजी ने कहा कि पटना गया, पटना Jhajha, गया, धनबाद और मुगलसराय गया-वर्गों के सबसे कमजोर स्थानों रहे हैं. किऊल जमालपुर-अनुभाग का भी है देर से माओवादियों के नरम लक्ष्य दिया गया है. जीआरपी घनिष्ठ समन्वय में आरपीएफ के साथ सुरक्षा उपायों को कड़ा किया है, उन्होंने कहा.
रेलवे पुलों के रडार पर भी सुरक्षा एजेंसियों के हैं. एक रोशनी इंजन हर मेल के आगे और बंद के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में ट्रेन व्यक्त कदम होगा. सभी आरपीएफ पोस्ट करने के लिए समन्वय में सतर्क और कार्य तेजी से राज्य पुलिस, रेलवे सुरक्षा अधिकारी के साथ रहने को कहा गया है ने कहा, एक आपातकालीन दौर बंद के दौरान काम करेंगे घड़ी सेल जोड़ने.
पटना एसआरपी उपेंद्र कुमार सिन्हा के मुताबिक जीआरपी कर्मियों रात के दौरान गाड़ियों मार्गरक्षण के लिए यात्री ट्रेन के प्रत्येक बोगी खोज के साथ ही संदिग्धों के सामान निर्देश दिया गया है. जीआरपी कर्मियों को बाहर पटना जंक्शन पर सभी प्लेटफार्मों पर एक खोज अभियान पूरा करेगा. जबकि एक दरवाजा धातु डिटेक्तार पटना जंक्शन, प्रत्येक अनुरक्षण पार्टी के मुख्य द्वार पर स्थापित किया गया है एक हाथ धातु डिटेक्तार के साथ सुसज्जित किया गया है, एसआरपी ने कहा.
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